26 January Speech in Hindi | 26 जनवरी पर शानदार भाषण 2022, Shayari

26 January Speech in Hindi: 26 जनवरी पर शानदार भाषण 2022 में देना चाहते है 26 जनवरी पर अच्छे Shayari कहना चाहते है 26 जनवरी को गणतंत्र क्यों मानते है तो आप इस पोस्ट को पूरा ध्यान से पढ़े | तो चलिए जानते है |

26 January Speech in Hindi | 26 जनवरी पर भाषण 2022

सबसे पहले आपको भाषण शुरू करने से पहले आपको कुछ लाइन बोलना होगा जिससे लोग आपकी भाषण की और आकर्षित होगें वे लाइन ऐ है |

बलिदानों का सपना जब सच हुआ
देश तभी आजाद हुआ ,
आज सलाम करे उन वीरो को ,
जिनकी शहादत से ये भारत गणतंत्र हुआ |

में इसका हनुमान हूँ ,
ये देश मेरा राम है
छाती चिर के देख लो ,
अन्दर बैठा हिंदुस्तान है

ऐ दो लाइन बोलने के बाद आप मंच पर बैठे सभी लोगो को अभिवादन करें ,अपना परिचय दें और जो भी आप करते है वो सब आप दो लाइन में बताते, और सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनये दे उसके बाद आपनी भाषण को शुरू करें |

आज हम सभ यहाँ बेहद खास अवसर पर 73 वे गणतंत्र दिवस मानाने के लिए इक्टठा हुए हैं भारत के लिए गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नही , बल्की गोरव और सम्मान है यह दिवस हर भारतीय का अभियान है ,अनगिनत लोगों ने क़ुरबानी के बाद भारत माँ को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी लेकिन उसे का आकर 26 जनवरी 1950 को मिला , क्युकी इस दिन हमारा संविधान लागू हुआ था | भारत का संविधान एक लिखित संविधान है |और इस संविधान को बनने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था | 395 अनच्छेद और 8 अनुसूचियो के साथ भारतीय संविधान दुनिया में सबसे बड़ा लिखित संविधान है | 26 जनवरी 1950 को डॉ राजेन्द्र प्रशाद ने गवर्नमेंट हाउस के दरबार होल में भारत के पहले राष्टपति के रूप में शपथ ली था |

भारत के पहले गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि इंडोनेशिया के राष्टपति सुकर्णो थे | हमरे देश के महान नेता और सवतंत्रता सन्नी गाँधी ,भगत सिंह ,सरदार वल्लभ भाई पटेल , लाल बहादुर शास्त्री भीम राव आंबेडकर आदि है |भारत को एक आजाद देश बनाने के लिए इन लोगो ने अंगेजो के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ी | अपने देश के लिए इनके समपर्ण को कभी भी नहीं भूल सकते है |

हमें ऐसे महान अवसरों पर इन्हें याद करते हुए सलामी देनी चाहिए | केवल इन लोगो की वजह से ये मिम्किन हुआ की हम अपने दिमाग से सोच सकते है और बिना किसी के दवाब के अपने राष्ट में मुक्त होकर रह सकते है |

डॉ अब्दुल कलाम ने कहा है की अगर एक देश भर्ष्टाचार मुक्त होता है तो वहां के लोग दिमाग से सवतंत्र राष्ट का निर्माण होगा और उनका मानना था की की प्रधान सदस्य है जो ऐ है माता ,पिता और एक गुरु | भारत के एक नागरिक के रूप मर हमें इसके बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए और अपने देश को आगे बढने के लिए सभी प्रयासों को कोशिश करना चाहिए |

हमें जिम्मेदारी लेनी चाहिए सामाजिक मुद्दों जैसे गरीबी,बेरोजगारी ,अशिक्षा ,ग्लोबल वार्मिंग ,असमानता आदि से अवगत रहना चाहिए और इसमें अपने योगदान देना चहिये | गणतंत्र दिवस के मोके पर राज पथ पर तिरंगा फहराया जाता है फिर राष्टगान गया जाता है और 21 तोपों की सलमी होती है गणतंत्र दिवस के इस मोके पर अशोक चक्र और कीर्ति चक्र जैसे मह्व्त्पूर्ण सम्मान दिए जाते है और इसके बाद हमारी देश की सेना अपना शकित पदर्शन और परेड मार्च करती है |

और बोलने के बाद आपको आपको फिर से 2 ,4 लाइन शायरी को बोलना है

ना जियो धर्म के नाम पर,
ना मरो धर्म के नाम पर
अगर इंसान है तो
जीना है तो जियो
वतन के लिए ,

क्यों मरते हो यारो सनम के लिए
न देगी दुप्पटा कफन के लिए
मरना है तो मरो वतन के लिए
तिरंगा तो मिलेगा कफ़न के लिए

ऐ सब बोलने के बाद अपने शब्दों को विराह्म देता हुआ | और बोलना है जय हिन्द ,जय भारत

Note: अगर आप भाषण नहीं लिखे है तो आप इस भाषण को पढ कर भाषण दे सकते है उपर हमने आप के लिए भाषण लिख दिए है |

गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है

6 January Speech in Hindi: जैसे की आप सभी जानते है की सारा हिंदुस्तान बड़ी धूम धाम से गणतंत्र दिवस मानते है लेकिन दिन को गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है ये जानना भी जरुरी है |

15 अगस्त 1947 को हिंदुस्तान की आजादी और बटवारे के बाद हर हिन्दुस्तानी आजादी के साँस ले रहा था लेकिन उस समय किसी भी तरह के कोई नियम या कानून देश के लोगो के लिए नहीं बना था | तब देश के राष्टपति और संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ .राजेन्द्र प्रसाद जी के दुवारा संविधान निर्माण का कार्य डॉ. भीमराव अबेडकर जी को दिया गया , और 2 साल 11 महीने और 18 दिन के बाद भारत का संविधान तेयार किया गया |

26 जनवरी 1949 को संविधान सभा दुवारा पारित किया और 26 जनवरी 1950 को पुरे भारत में लागु कर दिया | और यह संविधान पुरे विश्व का सबसे बड़े संविधान लिखित है 395 अनुच्छेद ,8 अनुसूचिय एव 22 भाग थे जो वर्तमान में बढकर 448 अनुच्छेद 12 अनुसूचियां एव 25 भाग है | इस विशाल और महान संविधान जिसने हमें हमारे हक़ और अधिकारों के लिए लड़ने की ताकत देती है |

तोपों की सलामी क्यों दी जाती है

26 January Speech in Hindi: तोपों की सलमी की शुरुआत कब ,कैसे और किसने की यह कह पाना मुश्किल है लेकिन आपको बतादे की पहले जहाजो पर सात तोपों हुआ करती थी क्युकी बाइबिल में सात की संखिया की शुभ माना जाता है |

ब्रिटिश सम्राट को 101 तोपों की सलामी दी जाती थी जबकि दुसरे राजाओ को 21 या 31 की , लेकिन फिर ब्रिटेन ने यह तय किया की अंतराष्टीय 21 तोपों की होनी चहिये , और अमेरिका में भी 21 तोपों की सलामी की प्रथा है भारत में इस पंरपरा की शुरुआत ब्रिटिश शसन के दोर में शुरू हुआ था भारत में गणतंत्र दिवस की परेड के दोरान राष्टपति को 21 तोपों की सलामी दी जाती है ये सलामी 21 तोपों से नहीं बल्की भारतीय सेना की 1941 में बनी 7 तोपों से दी जाती है |

जैसे ही राष्टपति बोडिगार्ड के सीओ राष्टपति को सलामी करते है उसी समय ये टोपे फायर की जाती है राष्टगान शुरू होते ही पहली सलामी दी जाती है और ठीक 52 सेकेंड के बाद आखिरी सलामी दी जाती है |

15 अगस्त और 26 जनवरी को झंडा फहराने में क्या अंतर है

26 January Speech in Hindi: 15 अगस्त सवतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडे को निचे से रस्सी के दुवारा खिंच कर उपर ले जाता है फिर खोल कर फहराया जाता है जिसे ध्वजारोहण कहते है क्युकी यह 15 अगस्त 1947 की ऐतिहासिक घटना को सम्मान देने हेतु किया जाता है | और इस दिन प्रधान मंत्री झंडा फहराते है लालकिला में ,क्युकी सवतंत्रता के दिन भारत का संविधान लागु नहीं हुआ था और इस दिन के शाम में राष्टपति ने अपना सन्देश राष्ट के नाम देते है

जबकि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडे उपर ही बंधा ही रहता है जिसे खोला कर फहराया जाता है 26 जनवरी को देश में संविधान लागु होने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है और इस दिन देश के राष्टपति झंडा फहरता है राजपथ पर |

अशोक चक्र में चोबीस तीलिया क्यों है

26 January Speech in Hindi: सम्राट अशोक के बहुत से शिलालेखो पर प्रया: एक चक्र /पहिया बना है इसे अशोक चक्र कहते है इसे धर्मचक्र कहते है ये 24 तीलिया मनुष्य के 24 गुणों को दर्शाती है अशोक चक्र में बताये गे सभी धर्म मार्ग किसी भी देश को उन्ती के पथ पर पंहुचा देगें शायद यही कर्ण है की हमारे राष्ट ध्वज के निर्माता ने जब इसका फ़ाइनल रूप तेयार किया झंडे के भीच में चरखे को हटाकर इस अशोक चक्र को रखा था |

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं शायरी | गणतंत्र दिवस की शायरी

याद रखेंगे वीरो तुमको हरदम,
यह बलिदान तुम्हारा है,
हमको तो है जान से प्यारा यह गणतंत्र हमारा है।

अलग है भाषा, धर्म जात,
और प्रांत, भेष, परिवेश,
पर हम सब का एक ही गौरव है,
राष्ट्रध्वज तिरंगा श्रेठ
गणतंत्र दिवस की बधाई।

ना जियो धर्म के नाम पर,
ना मरो धर्म के नाम पर,
इंसानियत ही है धर्म वतन का बस जियों वतन के नाम पर

ना पूछो ज़माने से कि क्या हमारी कहानी है
हमारी पहचान तो बस इतनी है कि हम सब हिन्दुस्तानी हैं

दूध मांगोंगे खीर दे देंगे,
दूध मँगोगे खीर दे देगे
कश्मीर मांगने की सोची न,
भारत माता की कसम हर जगह से चीर देंगे|

भारत माता का बेटा हूँ हल्के में न लेना|
भारत माता की तरफ गंदी नजर उठाने से पहले एक बार मुझसे जरूर मिल लेना।

दुश्मन की गोलियों का हम करेंगे सामना,
जो बुरी नजर रखे भारत पर, भारत माता की कसम उसका नामोनिशान है मिटाना।

आओ झुक कर सलाम करे उनको, जिनके हिस्से मे ये मुकाम आता है,
ख़ुसनसीब होता है वो खून जो देश के काम आता है,
हॅपी रिपब्लिक डे

मैं इसका हनुमान हूँ ,
ये देश मेरा राम है ,
छाती चीर के देख लो,
अन्दर बैठा हिन्दुस्तान है||

भारत माता तेरी गाथा,
सबसे उँची तेरी शान,
तेरे आगे शीश झुकाए,
दे तुझको हम सब सम्मान!
हैप्पी रिपब्लिक डे 2022

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