अपनी औकात में रहकर सर्च करें | Rajput Ko Kabu Mein Kaise Kare

Rajput Ko Kabu Mein Kaise Kare: अगर तेरा दिल में राजपूत को काबू कैसे करे का ख्याल है, तो आप गलत फेमि में जी रहे है और इस ख्याल को तू दिल से निकाल दे क्योकि इस जन्म में तुमसे ऐ हो पाना नामुमकिन है फिर भी आप लोग ऐ जिद्द रखते है तो शरीर रगड़ कर मर जायेगा फिर भी ऐ मुमकिन नहीं हो पायेगा यकीन न हो तो History उठा कर देखलो |

Rajput Ko Apne Kabu Mein Kaise karen | राजपूत को अपने काबू में कैसे करे

कोई सोच भी रहा है की Rajput Ko Control Mein Kaise Kare भूलकर भी गूगल पर सर्च करने का मत सोचना, नहीं तो मेरी एक बात मान मत कर सर्च नही तो ऐ सर्च आप पे ही भारी पड़ नजाए यकीं ना हो तो हिस्ट्री उठा के देख ले |

Rajput Ko Control Mein Kaise Kare | राजपूत को कंट्रोल कैसे करें

Rajput Ko Kabu Mein Kaise Kare: राजपूत को कंट्रोल करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है | राजपूत कोई आम आदमी नही है ऐ राजपूत किसी से भी नही कंट्रोल होगा | कंट्रोल सिर्फ कर सकता है तो वह है राजपूत और इसके आलावा इसे कोई भी कंट्रोल नहीं कर सकता है विस्वास नहीं तो try करके देखलो शशिर की सारी खुजली मिटा देगी |

Rajput Ko Kabu Mein Kaise karenge | राजपूत का इतिहास

Rajput Ko Kabu Mein Kaise Kare: राजपूत का अर्थ है ये राजा का पुत्र, जागीरदार क्षत्रिय का प्रमुख्य संतान है | भारत में राजपूत वंश का उत्पति वालो वंशो की वंशावाली है और इसमें इसकी विचारधारा और सामाजिक स्थिथि के साथ और जातियों की विशाल बहु घाट में शामिल है |

हर्षवर्धन के समय में बहरत में बस एक सबसे बड़ी वंश पैदा हुआ था जिसने पुरे भारत में कई राज्य बनाये और राज किये और अपना वशं का भी स्थापना किया | गुजर प्रतिहार का समय समाप्त होने के बाद और इसके समय में भारत में अनेक छोटे बड़े राज्यों में विभागत किया और आपस में लड़ते रहता था इनके राजा राजपूत ( राजपूत का भ्रष्ट शब्द ) कहते थे तथा 7 वी और 12 वी शताब्दी के इस समय को राजपूत का युग कहा गया है |

11 वी सदी में राजपूत शब्द को शाही आधिकारियो के लिए पदनाम रूप में सामने आये है और भोगोलिक पृष्टभूमि पर लोगो का सामाजिक समूह बन गया | 16 वी और 17 वी सदी में यह समूह बड़े स्तर पर वंशानुगत हो गया ||

राजपूत की जनसंख्या भारत में इन क्षेत्रो में फेला है जो e है पूर्व राजपूत राज्य उतर ,पश्चिम ,मध्य और पूर्व भारत के साथ दक्षिण और पूर्वी पाकिस्तान में पाए जाते है और इन क्षेत्रो में फेला है राजस्थान ,हरियाणा ,गुजरात ,उतर प्रदेश ,हिमाचल प्रदेश ,जम्मूउतराखंड ,बिहार ,मध्य प्रदेश और सिंध , महाराष्ट्र ,मध्य पप्रदेश छतीसगढ़ में बसे है राजपूत |

Rajput Ko Kabu Mein Kaise Kare Jayega | राजपूत का विदेशी उत्पति

Rajput Ko Kabu Mein Kaise Kare: चंदबरदाई लिखते है की परशुराम दुवारा क्षत्रियो के सम्पूर्ण विनाश के बाद ब्राह्मणों ने आबू पर्वत पर यज्ञ किया और यह यज्ञ करने के बाद अग्री से चोहान ,परमार गुजर पर्तिहर और सोलंकी राजपूत वंश का जन्म हुआ |जब प्रथ्वी राक्षस के आतंक को ख़त्म हो गया तब महर्षि वशिष्ठ ने राक्षसों के खत्म कर के आबू पर्वत पर एक अग्निकुंड का बन वाया गया यज्ञ और यज्ञ के अग्री के चारो और योधाओ प्रतिहार ,परमार ,चोहान और चालुक्य की जन्म हुआ |

विदेशी उत्पति के समर्थको में मत्वपूर्ण जगह कर्नल जेम्स टॉड है और इसके अनुसार उसने इसे विदेशी जातीय है इन्होने भारत पर हमला किए था | और इनके सामाजिक और धार्मिक स्थिति की सामान की बात कही है उनके लिए दोनों में रहन सहन ,वेश भूषा की सामान ,और मांसाहारी की प्रचलन था और जितने भी पूजा पाठ यज्ञ होता था तो इन सब का प्रचंल राजपूत वंश के लोग करते थे |

Rajput ko Kabu Mein Kaise Kare Jaaye | राजपूत का स्थनीय उत्पति

Rajput Ko Kabu Mein Kaise Kare: इसका उल्टा चिन्ता राम विनायक वेदने यह साबित करने के प्रयास किये थे की राजपूत प्राचीन भारत के क्षेत्रियो के सामान थे साधू लोग मानते है की राजपूत प्राचीनकाल के क्षेत्रिय के वंश है ब्रह्मणों को संरक्षण नहीं देते और ब्रह्मणों से दूर रहने के है का कारण शुद्र बन गया दशरथ शर्मा ,डॉ .गोरी शंकर ओझा और चिंतामन बेध को अग्री वंश काल्पनिक माना जाता है | और सिधुराज के दरबारी कवि दुवारा रचा गया था और यहाँ पर 36 क्षेत्रियो कुलो के बारे में वर्णन मिलता है |

मूल भारतीय उत्पति

Rajput Ko Kabu Mein Kaise Kare: मूल भारतीय उत्पति हल ही के शोध कर्ता में बताया है की राजपूत विभिन्न जाती और भोगोलिक पृष्ट के साथ शुद्रो सहित वर्णन में आया था राजपूत का अर्थ है राजा का पुत्र पहली बार 11 वी शताब्दी के शिलालेखो में शाही सहबो के पद के नाम के रूप में दिखाई देता है कुछ विद्वानों के अनुसार यह मन्ना है की राजा के तत्काल रिश्तेदार के लिए आरक्षित थे |

और लोग का मानना है की इसका उपयोग8 वी शताब्दी में के बाद से एक खुली स्थिति का समूह का है उच्च पद के पुरुष के एक बड़े समूह दुवारा किया गया था | आधुनिक विद्वानों ने कहा की राजपूत जायदातर ऐ लोग अनपद योधा थे जो प्राचीन भारतीयों क्षेत्रियो के पुर्नजन्म का दावा करते थे एक ऐसा दावा जिसका कोई ऐतिहासिक आधार नहीं था |

पहली बार कई प्राचीन गरंथो ,वेदों में दिखाई देते है जिसमे रजा शाही अधिकारिक और अरस्तु के लिए शाही पदनाम है | हर्षवर्धन के समय कल में भारत में कोई ऐसा शक्तिशाली राजा नहीं था जिसने भारत के व्रहद भाग पर एकछत्र राज्य बनाया हो |

Rajput Ko Kabu Mein Kaise Kare: राजपूत प्रमुख मुग़ल साम्राज्य का हिस्सा बने और सेन्य करवाई के माद्यम से प्रतिष्ठा प्राप्त करने की संभावना कम हो गई और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया |

Q. Rajput Ko Kabu Mein Kaise Kare ?

Ans. राजपूत को काबू कैसे करे का ख्याल है, तो आप गलत फेमि में जी रहे है और इस ख्याल को तू दिल से निकाल दे

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